कोडरमा (शहर परिक्रमा)

डीएवी कोडरमा में बच्चों ने ग्रीन डे सेलिब्रेशन से पर्यावरण के प्रति दिखाई प्रतिबद्धता


कोडरमा: डीएवी पब्लिक स्कूल झुमरी तिलैया में किड्स ग्रुप के नन्हें- मुन्ने बच्चों ने ग्रीन डे सेलिब्रेशन के अवसर पर प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति अपनी जागरूकता दिखाई। प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण हमारे लिए अत्यंत आवश्यक है। हमें प्रकृति को हरा भरा रखने में अहम भूमिका निभानी चाहिए ।इस अवसर पर बच्चे हरे रंग की पोशाक में सज -धज कर विद्यालय में उपस्थित हुए थे। उन्होंने हरी सब्जी, फल, फूल, पत्ते, पेड़, अंगूर, शिमला मिर्च, आम, पत्ती, पेड़, तोता, मोर, अमरूद,नाशपाती की वेशभूषा में हरे कपड़ों के द्वारा अपनी क्रिएटिविटी को दिखाया। बच्चों ने दिखाया कि हम धरती को बचाने एवं हरा -भरा रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे तथा अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाएंगे ।

इस सेलिब्रेशन के तहत एल के जी से दूसरी कक्षा के बच्चों में अदिती श्री, निहाल मेहता पेड़, संपूर्ण राजपूत नेचर, कृषा गुप्ता, अद्विती अम्बे अंगूर, अर्श्य आरव डायनासोर, सानिया सोनी तोता, शिवांश सिन्हा भिंडी, अर्विता राज शिमला मिर्च, पुनीत महतो करेला, वाणी गुप्ता मटर, रणवीर सौरभ मोर, आदर्श कुमार डेटॉल, भूमि कुमारी फूलगोभी, कुमारी रूही रंजन हरी सब्जी, प्रियांश राज अमरूद बन कर प्रकृति, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक किया। ग्रीन डे सेलिब्रेशन में बच्चों का मार्गदर्शन श्वेता सिंह, लक्की पाठक, संध्या सर्राफ एवं क्रीती ने किया।
मौके पर विद्यालय के प्राचार्य कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि ग्रीन डे जिसे हरित दिवस भी कहा जाता है यह एक ऐसा दिन है जो प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। बच्चों ने कला एवं शिल्प जैसी रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेकर प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति अपनी कलात्मकता प्रदर्शित की। इससे बच्चों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी एवं प्रेम की भावना जागृत होती है। हरा रंग हरियाली एवं पर्यावरण संरक्षण के महत्व को दर्शाता है । छोटे-छोटे बच्चे हरे रंग की वेशभूषा में बहुत ही आकर्षक लग रहे थे। इस उत्सव में बच्चों ने जोश व उत्साह के साथ भाग लेकर प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई। बच्चों ने दिखाया कि हम धरती को बचाने एवं हरा- भरा रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे तथा अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाकर धरती को खुशहाल बनाएंगे। हरा रंग पवित्रता, अच्छाई एवं प्रकाश का प्रतिनिधित्व करता है । प्रकृति की सुरक्षा एवं संरक्षण हम सबका दायित्व होना चाहिए। इस तरह के उत्सव से बच्चों में प्रकृति के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण परिलक्षित होता है।