डीएवी कोडरमा में उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 145वीं जयंती मनाई गई
कोडरमा: पीवीएसएस डीएवी पब्लिक स्कूल, झुमरी तिलैया में महान कथाकार और उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 145वीं जयंती को प्रातःकालीन सभा में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य कृष्ण कुमार सिंह एवं सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रेमचंद जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर को स्मरणीय बनाने हेतु विद्यार्थियों द्वारा विविध सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

कक्षा आठवीं की आकृति ने प्रेमचंद जी के जीवन और साहित्यिक उपलब्धियों पर सारगर्भित वक्तव्य प्रस्तुत किया। वहीं लक्ष्मी कुमारी ने प्रश्नोत्तरी के माध्यम से प्रेमचंद जी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कर बच्चों को प्रेरित किया। कक्षा छह की अनुष्का गुप्ता ने उनके व्यक्तित्व पर आधारित सुंदर कविता प्रस्तुत की।बच्चों ने पोस्टर, चित्र और स्लोगन के माध्यम से प्रेमचंद जी की रचनाओं और सामाजिक योगदान को रेखांकित किया। यीशु, साक्षी राज, पंखुड़ी कुमारी, दृष्णा कश्यप, अश्फिया नाज, उपांशु राज, अभिनव सिंह, दिव्यांश वर्मा और आराध्या रानी ने प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी “बड़े घर की बेटी” पर आधारित एक प्रभावशाली नाटक प्रस्तुत कर सामाजिक विषमताओं को सजीव रूप से मंचित किया।इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री कृष्ण कुमार सिंह ने कहा, “मुंशी प्रेमचंद भारतीय साहित्य के यथार्थवादी लेखक थे, जिन्होंने किसानों, मजदूरों, दलितों और शोषित वर्ग की पीड़ा को अपनी लेखनी के माध्यम से समाज के समक्ष रखा। वे केवल साहित्यकार ही नहीं, बल्कि एक प्रखर पत्रकार और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भी थे, जिन्होंने महात्मा गांधी के आह्वान पर राष्ट्रभक्ति का भाव जगाया।”
उन्होंने आगे कहा कि प्रेमचंद जी की रचनाएँ आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं और हमें सामाजिक न्याय, मानवता एवं राष्ट्रहित के मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा देती हैं। उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और सेवा भावना का जीवंत प्रतीक है। वे बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे और ऐसे साहित्यकार साहित्य-जगत में विरले ही होते हैं।कार्यक्रम का कुशल संचालन कक्षा 11वीं की नंदिनी ने किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में हिंदी विभाग के शिक्षकों अंगद कुमार मिश्रा, खुशबू कुमारी, मिथिलेश कुमारी, निधि अंबष्टा, नीशु कुमारी इत्यादि का विशेष योगदान रहा।

