देवघर (शहर परिक्रमा)

डिवाईन पब्लिक स्कूल द्वारा सावन की चौथी सोमवारी पर काँवारियों की सेवा

देवघर: नंदन पहाड़ रोड स्थित डिवाईन पब्लिक स्कूल (10+2) देवघर द्वारा 16 वर्षों से लगातार चली आ रही सावन की प्रत्येक सोमवारी पर काँवरियों की सेवा का यह कार्यक्रम आज सावन कि चौथी व अंतिम सोमवारी पर सेवा व भक्तिभाव के साथ पूर्ण हुआ। सावन की अंतिम सोमवारी पर बाबा धाम पहुँचने वाले काँवारियों की सेवा के लिए आज विद्यालय परिवार में बीते सोमवारी से ज्यादा उत्साह व सेवा का भाव देखने को मिला।

सभी आज अपनी सेवा का शतप्रतिशत प्रदान करने को तत्पर दिखे। बच्चों सहित पूरा विद्यालय परिवार काँवरियों की सेवा में व्यस्त दिखा। किसी के हाथ में फल था तो किसी के हाथ में पानी व शरबत का गिलास। कोई काँवरियों के दर्द भरे पैरों पर दवा स्प्रे कर रहा था तो कोई उनके पैर दबा रहा था। सबकुछ एक व्यवस्थिव तरीके से और पूर्ण भक्ति व सेवाभाव के साथ हो रहा था। पूर्व की तरह ही इस सोमवारी पर भी विद्यालय की तरफ से फल, शरबत, पानी, चाय व फ़्रूटी आदि के वितरण की व्यवस्था की गई थी। साथ में काँवरियों के विश्राम के लिए कुर्सी, प्राथमिक उपचार के लिए दवा व मरहम पट्टी आदि की व्यवस्था भी की गई थी। पाइप द्वारा निरंतर काँवरियों के पैरों पर पानी की हल्की धारों से पैरों के जलन से कुछ पल की राहत दिलाने का काम एक तरफ हो रहा था तो वहीं बोल बम के नए पुराने गानों से काँवरियों का मनोरंजन भी हो रहा था। विद्यालय के पास से गुजरने वाले काँवरिये ऐसा भक्तिपूर्ण माहौल पाकर काफ़ी खुश दिखे और गानों की धुन पर झूमते हुए आगे बढ़े। इसमें विद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी व विद्यालय के छात्र/छात्राओं का सहयोग रहा। बच्चों ने अपने नन्हें हाथों से काँवरियों को फल व शरबत देकर अपनी सेवा भाव से सबका दिल जीत लिया तथा बोल बम के जयकारों से काँवरियों का उत्साह बढ़ाया।

प्रधानाचार्या ममता किरण ने भी प्रत्येक सोमवारी की तरह ही अंतिम सोमवारी पर भी अपने हाथों से काँवरियों के पैरों पर स्प्रे व पट्टी कर अपनी सेवा प्रदान की, प्रधानाचार्या ने बच्चों के साथ खड़े रहकर काँवरियों के बीच फल, शरबत, फ़्रूटी आदि का वितरण किया। प्रधानाचार्या श्रीमती ममता किरण ने कहा कि आज सावन कि अंतिम सोमवारी है और इसलिए थोड़ा दुःख भी है क्यूंकि अब एक वर्ष के बाद ही बाबा के भक्तों कि सेवा करने का मौका मिलेगा। साथ ही इस बात की ख़ुशी भी जाहिर की कि अगले वर्ष कुछ नए बच्चे भी विद्यालय से जुड़ेंगे जिन्हें सेवा भाव के इस माहौल में बहुत कुछ नया सिखने को मिलेगा तथा जो बच्चे विद्यालय से पास होकर इस वर्ष निकलेंगे वे भी समाज को सेवा के क्षेत्र में एक अच्छा संदेश देंगे जो वे अपने साथ यहाँ से सिख कर ले जायेंगे। श्रीमती ममता किरण ने कहा कि विद्यालय शिव भक्तों की इस सेवा को अपना सौभाग्य मानता है क्यूंकि जो काँवर लेकर नहीं जा सकते वे काँवरियों की सेवा करके भी पुण्य प्राप्त कर सकते हैं और भगवान शिव की कृपा पा सकते हैं। इसलिए आज अंतिम सोमवारी पर दोगुने उत्साह के साथ काँवरियों की सेवा की जा रही है। प्रधानाचार्या ममता किरण ने भगवान शिव से कामना की कि उनका आशीर्वाद विद्यालय परिवार व बच्चों पर सदा बना रहे।