देवघर सेंट्रल स्कूल के छात्रों बताई गई हृदयगति रुकने पर प्राथमिक उपचार की विधि
हृदयगति रुकने की अवस्था में समुचित प्राथमिक उपचार के माध्यम से बचा जा सकता है।
सामुदायिक कार्य योजना के तहत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, देवघर के द्वारा अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के सहयोग से देवघर के सभी स्कूलों में हृदयगति रुकने की अवस्था में रोगी को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा कैसे दी जानी चाहिए कि जानकारी 12 वर्ष से अधिक बच्चों को प्रायोगिक रूप से दी जा रही है। कार्यक्रम के इसी कड़ी में आज स्थानीय देवघर सेंट्रल स्कूल, देवघर के प्रशाल में कक्षा छह से ऊपर के बच्चों तथा शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को सी पी आर की जानकारी कार्यक्रम प्रमुख डॉ मनुज कुमार सरकार, परियोजना समन्वयक अंजलि कुमारी शाह, नर्सिंग अधिकारी प्रेरणा रावत व एकता भगत के द्वारा किया गया।

कार्यक्रम के शुभारंभ में विद्यालय के प्राचार्य सुबोध झा ने इस विषय की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए एम्स देवघर के कार्यकारी निदेशक डॉ सौरभ वार्ष्णेय को साधुवाद दिया कि उनके संस्थान के द्वारा सामाजिक सुरक्षा के कार्यक्रमों का आयोजन सघन रूप से किया जा रहा है जो सामान्य मनुष्यों के जीवन रक्षण में कारगर सिद्ध होगा।
इस अवसर पर कार्यक्रम प्रमुख डॉ सरकार ने बतलाया कि यह कार्यक्रम12 वर्ष और अधिक आयु के व्यक्तियों को हैंड्स ओनली कार्डियोपल्मोनरी रेसिस्टेशन की तकनीक सिखाने हेतु तैयार किया गया है जिसमें वे अचानक हृदयगति रुकने की स्थिति में पीड़ित को जीवनरक्षक सहायता दे सके। डॉ सरकार ने बताया कि यह पहल केवल सी पी आर तकनीक सिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य आम नागरिकों को आपातकालीन स्थिति में तुरंत और आत्मविश्वास के साथ प्रतिक्रिया देने के लिए सशक्त बनाना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी व्यक्ति के जीवन को बचाने में मौजूद व्यक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, जब तक कि उसे चिकित्सीय सहायता न मिल जाए या अस्पताल न पहुँचाया जा सके।
प्रशिक्षण में कृत्रिम मॉडल पर व्यव्हारिक अभ्यास, विशेषज्ञों के द्वारा जीवंत प्रदर्शन ऑडियो विसुअल माध्यमों की सहायता तथा एक सुव्यवस्थित पाठ्यक्रम शामिल है, ताकि प्रतिभागियों को जीवनरक्षक कौशलों की गहरी समझ और दीर्घकालिक याददाश्त सुनिश्चित की जा सके। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के सभी कर्मचारियों का अमूल्य योगदान रहा।
उपरोक्त जानकारी मीडिया प्रभारी दिलीप कुमार पांडेय ने दी।

