देवघर (शहर परिक्रमा)

श्रील फाउंडेशन ने कराइ बिछड़ी महिला को सुरक्षित घर वापसी

देवघर: समाजसेवा और मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए श्रील फाउंडेशन ने एक बिछड़ी महिला को पहले आश्रय दिलाया और फिर सुरक्षित रूप से उनके परिजनों तक पहुँचाया।

दिनांक 17 सितम्बर 2025 को श्रील फाउंडेशन द्वारा संचालित भोजन सेवा केंद्र, सदर अस्पताल, देवघर में भोजन के लिए पहुँची एक महिला रोती हुई मिलीं। बातचीत से यह स्पष्ट हुआ कि वह अपने परिवार से बिछड़ गई थीं। उनका नाम बोधनी राउत, उम्र 47 वर्ष, निवासी- खट्टरडीह, कोमाखान, रायपुर, छत्तीसगढ़ की है।
उन्होंने बताया कि उनके परिवार में पति महेश यादव, पुत्र पवन राउत और पुत्री दिनेश्वरी यादव हैं।
महिला की पहचान की पुष्टि के लिए श्रील फाउंडेशन ने रायपुर (छत्तीसगढ़) के पुलिस अधीक्षक से संपर्क किया। इसके बाद श्रील फाउंडेशन ने देवघर प्रशासन से संपर्क किया, अनुमंडल पदाधिकारी देवघर के आदेशानुसार 18 सितम्बर को महिला को अस्थायी रूप से सुरक्षित देखभाल हेतु वृद्धा आश्रम, चाँदडीह, देवघर’ में रखा गया। इस बीच संस्था के सचिव राकेश वर्मा ने महिला के पुत्र पवन राउत से संपर्क किया। सूचना मिलते ही अपनी माता को घर वापस ले जाने हेतु देवघर पहुँचे। आज 27 सितम्बर को, एसडीओ देवघर के आदेशानुसार, श्रील फाउंडेशन ने विधिवत प्रक्रिया का पालन करते हुए महिला बोधनी राउत को वृद्धा आश्रम, चाँदडीह, देवघर से रिलीज कराया और उनके पुत्र पवन यादव को सुपुर्द किया और सुरक्षित रूप से अपने गृहनगर रायपुर, छत्तीसगढ़ भेजा गया। इस सेवा कार्य में मुख्य रूप से श्रील फाउंडेशन के सचिव राकेश वर्मा ने अग्रणी भूमिका निभाई, साथ ही संस्था की संयुक्त सचिव महिमा देवी, खुशबु देवी, सिम्पी देवी, अर्पणा देवी, गीता देवी, विनोद सुल्तानियाँ, ई. अंजू बैंकर, डॉ. मंजू बैंकर एवं वृद्धाश्रम ने भी आर्थिक सहयोग एवं वस्त्र उपहार प्रदान कर स्नेहपूर्वक बोधनी देवी को घर वापसी की विदाई दी।