कोडरमा (शहर परिक्रमा)

डीएवी कोडरमा में ग्लोबल हैंड वॉशिंग दिवस पर बच्चों ने दिखाई जागरूकता


कोडरमा: डीएवी पब्लिक स्कूल झुमरी तिलैया में ग्लोबल हैंड वॉशिंग दिवस के अवसर पर बच्चों ने विविध कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क किया। इस अवसर पर छठीं कक्षा की अनारध्या कश्यप ने हिंदी में तथा दसवीं कक्षा की उजेशा मंडल ने अंग्रेजी में कविता प्रस्तुत किया। दसवीं कक्षा की सोनम कुमारी ने अंग्रेजी में अपने वक्तव्य के द्वारा लोगों को शारीरिक स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता रहने की बात कही । सातवीं कक्षा की अनन्या सिंह, नव्या निर्मल एवं छठीं कक्षा की प्रकृति घोष ने सुंदर गीत गाकर हाथ धोने के महत्व को समझाया। आठवीं कक्षा की ईशू एवं साक्षी राज ने पानी एवं साबुन से हाथ धोकर बच्चों को हाथ धोने के तरीकों को समझाया तथा दिखाया कि हमें किस तरह से मल -मल कर हाथ धोना चाहिए।

मौके पर विद्यालय के प्राचार्य कृष्ण कुमार सिंह ने ग्लोबल हैंड वॉशिंग दिवस पर अपने संबोधन में बच्चों को बतलाया कि यह दिवस प्रत्येक वर्ष 15 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को हाथ धोने के महत्व के बारे में जागरूक करना है। साबुन, हैंड वॉश एवं शुद्ध मिट्टी से मलमल कर हाथ धोना हमारे स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है । इससे हम कई तरह की बीमारियों से बच सकते हैं। हमें अपना हाथ कुछ भी खाने के पहले,खाने के बाद तथा शौच आदि क्रिया के बाद अच्छी तरह से धोना चाहिए । हाथ की स्वच्छता से हम डायरिया, निमोनिया, टाइफाइड आदि बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं। हमें साबुन हैंड वॉश तथा पानी से कम से कम 20 सेकेंड तक हाथ धोना चाहिए । यदि हमारे हाथ में किसी भी प्रकार की गंदगी होगी तो वह भोजन के साथ हमारे शरीर में अनेक प्रकार के रोगों को जन्म देने में पीछे नहीं हटेगी। सावधानी एवं सतर्कता ही रोगों से लड़ने में मददगार साबित हो सकता है। हमें अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष ध्यान देना होगा क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य तभी सार्थक सिद्ध होगा जब हम स्वयं जागरूक बने तथा लोगों को भी जागरूक करें। हमें सुखमय जीवन व्यतीत करने के लिए शारीरिक व मानसिक शुद्धता आवश्यक है। उचित हाथ धुलाई से श्वसन और आंतों की बीमारियों को कम किया जा सकता है । इस कार्यक्रम में मंच संचालन छठी कक्षा की अनुष्का गुप्ता ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक रोबिन देव प्रसाद वर्मा, लक्ष्मी गुप्ता, लक्ष्मी कुमारी तथा आकाश कुमार ने भूमिका निभाई।