कोडरमा (शहर परिक्रमा)

डीएवी कोडरमा में रंगारंग उत्सव: सामुदायिक भोज, सोलो डांस और क्रिकेट मैच ने बढ़ाया उत्साह

कोडरमा: पी वी एस एस डीएवी पब्लिक स्कूल, झुमरी तिलैया में पाठ्य सहगामी गतिविधियों के तहत विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए रोमांचक और रचनात्मक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई। इन गतिविधियों का उद्देश्य छात्रों के सर्वांगीण विकास, टीम भावना और सांस्कृतिक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना था।

   सबसे पहले नर्सरी से कक्षा द्वितीय तक के नन्हें-मुन्ने बच्चों के लिए हर्षोल्लास के साथ कम्युनिटी लंच का आयोजन किया गया। बच्चे घर से विविध व्यंजन लेकर आए और आपस में मिल-बाँटकर भोजन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों में साझा करने, सहयोग, मित्रता और सामुदायिक सद्भाव की भावना का विकास करना था। पूरे कार्यक्रम में प्रेम, उत्साह और सौहार्द की अद्भुत झलक देखने को मिली।

    इसके बाद कक्षा तृतीय से पंचम के बीच अंतर्सदनीय एकल नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बच्चों ने मंच पर लोक नृत्य की विविध शैलियों में अपनी प्रतिभा का ऐसा मनमोहक प्रदर्शन किया कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। निर्णायक शिक्षिका चाँदनी दुबे एवं शिल्पी गुप्ता ने उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर विजेताओं का चयन किया।
प्रथम स्थान – अनाया तहरीन
द्वितीय स्थान – सौम्या सोनी
तृतीय स्थान – रूपाली सिंह
   कार्यक्रम का सबसे रोमांचक चरण था कक्षा छठी से नवमीं के विद्यार्थियों के बीच आयोजित अंतर्सदनीय क्रिकेट प्रतियोगिता। पहला मैच दयानंद सदन और राजाराम मोहन राय सदन के बीच तथा दूसरा मैच रामा कृष्णा सदन और विवेकानंद सदन के बीच खेला गया। हार्दिक प्रतिस्पर्धा के बाद राजाराम मोहन राय सदन एवं विवेकानंद सदन ने फाइनल में जगह बनाई।
   मैच में पीटी शिक्षक उज्जल घोष और विनीत सिंह ने अम्पायर की भूमिका निभाई, जबकि मोहम्मद अली ने जोशीली एंकरिंग से सभी का उत्साह बढ़ाया। मैदान पर बच्चों ने अपने खेल कौशल, रणनीति और उत्कृष्ट टीमवर्क का शानदार प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और हार-जीत को समान भाव से स्वीकार करने जैसी महत्वपूर्ण मान्यताओं को मजबूत किया।
     विद्यालय के प्राचार्य कृष्ण कुमार सिंह ने इन सफल आयोजनों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पाठ्य सहगामी गतिविधियाँ छात्रों के समग्र व्यक्तित्व विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि—
• सामुदायिक भोज से सामाजिक कौशल एवं सहयोग की भावना विकसित होती है।
• नृत्य से रचनात्मकता, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति कौशल बढ़ते हैं।
• क्रिकेट जैसे खेलों से नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और दृढ़ता का निर्माण होता है।
     उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को न केवल अकादमिक रूप से उत्कृष्ट बनाना है, बल्कि उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में सक्षम और आत्मविश्वासी बनाना भी है।
    सभी गतिविधियों के सफल संचालन में विद्यालय के सभी शिक्षकों का सहयोग सराहनीय रहा।