कोडरमा (शहर परिक्रमा)

डीएवी कोडरमा में भारतीय भाषा उत्सव का आयोजन

कोडरमा: डीएवी पब्लिक स्कूल, झुमरी तिलैया में 4 दिसंबर से 11 दिसंबर 2025 तक भारतीय भाषा उत्सव हर्षोल्लास एवं भव्यता के साथ मनाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने विविध आकर्षक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को अत्यंत सफल बनाया। यह उत्सव महाकवि सुब्रमण्यम भारती की जयंती के उपलक्ष्य में प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाता है।

   भारत की हर भाषा अपनी विशिष्टता समेटे हुए है, लेकिन सभी भाषाएँ समान भावनात्मक और सांस्कृतिक धारा से जुड़कर “विविधता में एकता” का अद्भुत संदेश देती हैं। यह उत्सव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप बहुभाषावाद और राष्ट्रीय एकता के सिद्धांत को सशक्त बनाता है ।
     कक्षा 3 एवं 4 के बच्चों ने रंग-बिरंगे लैंगुएज ट्री बनाकर भारत की भाषाई एकता को रचनात्मक रूप में पेश किया। कक्षा 5 एवं 6 के विद्यार्थियों ने तीन भिन्न भाषाओं में कविता व गीत प्रस्तुत कर बहुभाषिक क्षमता का सुंदर प्रदर्शन किया।
    दयानंद, विवेकानंद, रामकृष्ण और राजा राममोहन राय सदन के बच्चों ने देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, कला, वेशभूषा, खान–पान, रीति–रिवाज आदि का प्रदर्शनी–मेले के रूप में मनोहारी प्रस्तुतीकरण किया तथा अनेकता में एकता की भावना को सजीव किया।
नारे, पोस्टर निर्माण, रैली, नाट्य मंचन, कहानी–कविता, लोकगीत–लोकनृत्य, सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उत्सव में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया।
       मौके पर प्राचार्य कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि यह उत्सव बच्चों की रचनात्मक, कलात्मक और भावात्मक प्रतिभा को सामने लाने का सशक्त अवसर है। विद्यार्थियों ने पूरे मनोयोग एवं उत्साह के साथ अपने-अपने कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी, जो सराहनीय रही।
    उन्होंने कहा कि भारतीय भाषा उत्सव का उद्देश्य भारत की भाषाई विविधता, सांस्कृतिक समृद्धि और भाषाई गौरव को पुनर्जीवित करना है। इससे विद्यार्थियों में अपनी मातृभाषा के प्रति गर्व, सम्मान और अपनत्व की भावना जागृत होती है।
      उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न भाषाओं से परिचय होने पर एक-दूसरे की संस्कृतियों के प्रति समझ और सम्मान बढ़ता है, जिससे राष्ट्रीय एकता प्रबल होती है। साथ ही, बहुभाषी कौशल भविष्य में रोजगार के अनेक अवसर खोलता है। भारतीय भाषाएँ हमारी सभ्यता, संस्कृति और इतिहास का दर्पण हैं तथा भारतीय भाषा उत्सव इस गौरव को और मजबूती प्रदान करता है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सुपरवाइजरी हेड मौसुमी मल्लिक, वरिष्ठ शिक्षक कुमार सतीश सिंह, जयदेव आचार्या, दिनेश कुमार दुबे, उज्जल घोष, अनिल कुमार, धर्मेंद्र पाठक, सोनल केसरी, चारों सदनों के अध्यक्ष–उपाध्यक्ष, एसोसिएट्स तथा विद्यालय के सभी शिक्षकों–शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।