देवघर (शहर परिक्रमा)

जल स्रोतों की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर त्वरित कार्रवाई का निर्देश

देवघर: उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में आज दिनांक 22.12.2025 को भूमि विवाद संबंधी मामलों के अलावा water bodies इंक्रोचमेंट को लेकर बैठक का आयोजन समाहरणालय सभागार में आयोजित किया गया। वहीं बैठक करने का मुख्य उदेश्य जिले के विभिन्न जलाशयों (वॉटर बॉडीज) में हो रहे अतिक्रमण को पूरी तरह हटाने और जल स्रोतों के संरक्षण के लिए ठोस एवं समयबद्ध कार्य योजना तैयार करना है।

     बैठक में उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा ने जिले के प्रमुख जलाशयों सहित तालाबों और जल स्रोतों की वर्तमान स्थिति की विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से अतिक्रमण की स्थिति, अब तक की गई कार्रवाई और आगे की रणनीति पर विस्तृत जानकारी ली गई। आगे उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जलाशयों के आसपास अवैध अतिक्रमण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ संयुक्त अभियान चलाकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि राजस्व नक्शे के अनुसार जलाशयों की मूल सीमा को चिह्नित कर अतिक्रमण मुक्त क्षेत्र को सुरक्षित किया जाए। आगे उपायुक्त ने कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में अतिक्रमण से न केवल जल भंडारण क्षमता प्रभावित होती है, बल्कि इसका सीधा असर पर्यावरण और भू-जल स्तर पर भी पड़ता है। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि देवघर जिले के सभी जलाशयों को अतिक्रमण मुक्त किया जाए तथा भविष्य में इनके संरक्षण और सौंदर्यीकरण की ठोस व्यवस्था की जाए। इसके अलावे नदियों, जल स्रोतों की भूमि तथा आसपास की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण, अवैध निर्माण किया गया है या किया जा रहा है तो तत्काल प्रभाव से उक्त कार्य बंद कर एक सप्ताह के अंदर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाय।