देवघर (शहर परिक्रमा)

बालानंद ब्रह्मचारी आश्रम में नए युग की शुरुआत, नए गुरुमहाराज ने किया आसन ग्रहण

देवघर: श्री श्री बालानंद ब्रह्मचारी आश्रम, करनीबद देवघर के आध्यात्मिक लोक में एक नए युग की शुरुआत हुई, जब संस्थान के स्वायत गुरुमहाराज प्रमुख के रूप में पवित्रानंद जी महाराज उर्फ़ पार्थों बाबा ने पवित्र वैदिक मंत्रोच्चार ध्वनि के साथ आसन्न ग्रहण किया। इस हेतु आश्रम के प्रांगण में एक छोटा सा सामान्य समारोह का आयोजन किया गया था जहाँ कुछ शिष्यों की सामान्य भीड़ इकट्ठी हुई थी।

     पार्थों बाबा ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि इक्कीस वर्ष पहले वह इस आश्रम से निकलकर गंगनाथ (गुजरात) के ब्रह्मानंद ब्रह्मचारी आश्रम में अपनी आध्यात्मिक क्षुधा के शांति हेतु ध्यान मग्न, क्रिया योग में लिप्त रहे। फ़िर सिलीगुड़ी (प. बंगाल) के आश्रम में प्रधान संत के रूप में आसन्नपन रहे।
  आगे उन्होंने बताया कि 1977ई. में 11वर्ष की अवस्था में इस आश्रम में पहली बार अपने अभिभावक के साथ आने का मौका मिला था, इस हिसाब से उनका जन्म वर्ष 1965/66 ई  होगा। आगे उन्होंने कहा कि आरंभिक अवस्था के 10/11 वर्ष यहां बिताया, यहीं रहकर उन्होंने संस्कृत ओर वेदांग दर्शन की शिक्षा प्राप्त किया है, वेदांत से आचार्य और संस्कृत में एम. ए. की पढ़ाई पूर्ण किया।
   मौके पर उपस्थित शिष्यों ने कहा कि महाराज जी के वचनों से प्रतीत होता है कि श्री मद भागवत महापुराण, भगवतगीता, पद्मपुराण के अकाट्य विद्वान हैं। स्वनाम संकीर्तन के प्रणेता भी है और प्रवचन में भी रूचि रखते हैं।

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  • PAVITRANANDA BRAHMACHARI

    Thanks for covering the news of SRI BALANANDA ASHRAM DEOGHAR

    PAVITRANANDA BRAHMACHARI
    SEBAIT ( MAHANT )
    SRI BALANANDA TRUST
    SRI BALANANDA ASHRAM
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