JBVNL द्वारा बिजली दरों में प्रस्तावित वृद्धि के विरुद्ध संथाल परगना चेम्बर ने जताया विरोध
झारखण्ड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) द्वारा बिजली दरों में प्रस्तावित वृद्धि के निर्णय के विरुद्ध संथाल परगना चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने कड़ा एवं तीव्र विरोध दर्ज किया है। चेम्बर ने इस निर्णय को जनविरोधी, व्यापार-विरोधी एवं उद्योग-विरोधी करार देते हुए इसे अविलंब वापस लेने की माँग की है।

चेम्बर अध्यक्ष गोपाल कृष्ण शर्मा ने कहा कि झारखण्ड का व्यापारी वर्ग, लघु एवं मध्यम उद्योग, आम उपभोक्ता पहले से ही महँगाई, आर्थिक मंदी, कर भार तथा प्रशासनिक अव्यवस्थाओं से बुरी तरह जूझ रहा है। ऐसे समय में बिजली दरों में वृद्धि करना न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और अधिक कमजोर करने वाला कदम है !
उन्होंने कहा कि बिजली दरों में प्रस्तावित वृद्धि से छोटे दुकानदार, कुटीर उद्योग, MSME सेक्टर एवं सेवा क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित होंगे, जिससे रोजगार के अवसर घटेंगे और औद्योगिक गतिविधियाँ ठप होने की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। यह निर्णय झारखण्ड के औद्योगिक विकास के लिए घातक सिद्ध होगा।
चेम्बर के अध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि JBVNL की वित्तीय बदहाली, प्रबंधन की विफलता, अत्यधिक लाइन लॉस, बिजली चोरी एवं अव्यवस्थाओं का बोझ उपभोक्ताओं और हमारे व्यापारियों पर डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। व्यापारी वर्ग को JBVNL की अक्षमताओं की कीमत चुकाने को मजबूर नहीं किया जा सकता है।
संथाल परगना चेम्बर की स्पष्ट एवं सर्वसम्मत माँग है कि बिजली दरों में प्रस्तावित वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए, और गुणवत्ता के साथ बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए बेहतर सेवाएँ उपभोक्ताओं को प्रदान की जाएँ अन्यथा चेम्बर जनहित में व्यापक एवं लोकतांत्रिक तरीक़े से प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा।
चेम्बर ने राज्य सरकार एवं ऊर्जा विभाग से भी आग्रह किया है कि वे इस जनविरोधी निर्णय में तत्काल हस्तक्षेप कर व्यापार, उद्योग एवं आम जनता को राहत प्रदान करें।

