देवघर (शहर परिक्रमा)

दीनबंधु स्कूल ने मनाई गई स्वामी विवेकानंद की जयंती

देवघर: दीनबंधु उच्च विद्यालय में स्वामी विवेकानंद की जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम के प्रारम्भ में मुख्य अतिथि देवघर सहोदया स्कूल कॉम्प्लेक्स के अध्यक्ष रामसेवक सिंह गुंजन, विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव, रवि कुमार केशरी, गणेश प्रसाद उमर, जालेश्वर ठाकुर शौक़ीन, विद्यालय के प्रधानाध्यापक काजल कांति सिकदार एवं पूर्व शिक्षक विधान चंद्र मंडल ने संयुक्त रूप से विवेकानंद की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित किया।

मौके पर मुख्य अतिथि रामसेवक सिंह गुंजन ने कहा कि स्वामी विवेकानंद देश का पहला क्रान्तिकारी देशभक्त संन्यासी थे। जिन्होंने देश के युवाओं को हीन भावना से ऊपर उठाते हुए उन्हें स्वाभिमान का बोध कराया। तथा देशवासियों को आध्यात्मिक समर्थन के साथ खुद पर गर्व करने का एहसास कराया।

वेक्सो इंडिया के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव ने कहा- विवेकानंद बचपन से ही मेधावी, उन्होंने ईश्वर चंद्र विद्यासागर के संस्थान से पढ़ाई की और कोलकाता विश्वविद्यालय से बीए की डिग्री प्राप्त की, जहाँ उन्होंने पश्चिमी दर्शन, विज्ञान और भारतीय ग्रंथों का गहन अध्ययन किया। गुरु से मिलन: नवंबर 1881 में उनकी भेंट संत रामकृष्ण परमहंस से हुई, जिसने उनके जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाया और वे उनके प्रिय शिष्य बन गए।