कोडरमा (शहर परिक्रमा)

वैदिक परंपरा व सांस्कृतिक भव्यता के साथ मना डीएवी कोडरमा का 34वाँ स्थापना दिवस

कोडरमा: दिनांक 20. 01.26 को पी.वी.एस.एस. डीएवी पब्लिक स्कूल, झुमरी तिलैया में स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर को कार्यक्रम आयोजित करने हेतु आकर्षक ढंग से सजाया गया था तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों व अभिभावकों में विशेष उत्साह एवं उत्सवधर्मिता देखने को मिली।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की छात्राओं द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार, पुष्पवर्षा एवं तिलक विधि के साथ मुख्य अतिथियों के स्वागत से हुई। प्राचार्य श्री कृष्ण कुमार सिंह ने मुख्य अतिथि संजीवन सिंह परमार एवं कमलजीत सिंह परमार को पुष्पगुच्छ देकर अभिनंदन किया।
स्थापना दिवस पर डीएवी की वैदिक परंपरा के अनुरूप हवन का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथियों, प्राचार्य, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने विद्यालय के उत्तरोत्तर विकास की कामना की। पूरा परिसर मंत्रोच्चारण की ध्वनि से गुंजायमान हो उठा।
इसके पश्चात प्राचार्य कृष्ण कुमार सिंह, संजीवन सिंह परमार, कमलजीत सिंह परमार, वरिष्ठ शिक्षक कुमार सतीश सिंह तथा जयदेव आचार्या द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। छात्राओं नायशा, अनन्या, अंकिता ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया, वहीं नव्या, सभ्यता, साक्षी राज, दृष्णा, समृद्धि एवं असफिया द्वारा वैदिक मंत्र व गणेश वंदना पर प्रस्तुत समूह नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
नवीं कक्षा की छात्राओं—आकृति, अदिति, सृष्टि, नैंसी एवं वैष्णवी—ने आकर्षक पंजाबी नृत्य प्रस्तुति देकर सभागार में उल्लास का संचार किया। विद्यार्थियों ने डीएवी संस्था की गौरवशाली परंपरा, मूल्यों एवं शिक्षा में योगदान का प्रभावशाली चित्रण किया, जिसने स्थापना दिवस के महत्व को सांस्कृतिक रूप में जीवंत कर दिया।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए प्राचार्य कृष्ण कुमार सिंह ने सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने डीएवी संस्था के संस्थापक महात्मा हंसराज, स्वामी दयानंद सरस्वती एवं महात्मा नारायण दास ग्रोवर के योगदानों को स्मरण करते हुए कहा कि डीएवी शिक्षा केवल ज्ञानार्जन तक सीमित नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों एवं राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने वाली शिक्षा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1992 में किराए के मकान से प्रारंभ हुआ यह विद्यालय आज अत्याधुनिक चार मंजिला भवन, विशाल खेल मैदान, प्रार्थना स्थल, वातानुकूलित कंप्यूटर लैब (50 कंप्यूटर), सुसज्जित लाइब्रेरी, भौतिकी–रसायन–जीव विज्ञान प्रयोगशालाएँ एवं स्मार्ट क्लासेस से सुसज्जित है, जो 30 वर्षों की प्रगति का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
उन्होंने पूर्व प्राचार्यों के योगदान को सराहते हुए कहा कि यहाँ के विद्यार्थी मेडिकल, इंजीनियरिंग, बैंकिंग, प्रशासनिक सेवाएँ (IAS, IPS, UPSC, JPSC, BPSC), शिक्षा व खेलक्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर विद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं। विद्यालय के छात्र बोर्ड परीक्षाओं में भी लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जोन व जिले में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।
कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ शिक्षक कुमार सतीश सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। मंच संचालन आराध्या सिंह एवं आकृति सिंह द्वारा किया गया।