‘वंदे मातरम्’ थीम पर आयोजित होगा 23 जनवरी से 2 फरवरी तक चलने वाला ‘देवघर पुस्तक मेला’
देवघर: पुस्तकों के माध्यम से ज्ञान, संस्कार और राष्ट्रप्रेम का संदेश देने के उद्देश्य से देवघर में ‘वंदे मातरम्’ थीम पर आधारित पुस्तक मेला का आयोजन 23 जनवरी से 2 फरवरी तक किया जाएगा। यह मेला न केवल पुस्तक प्रेमियों के लिए बल्कि विद्यार्थियों, युवाओं और समाज के हर वर्ग के लिए बौद्धिक व सांस्कृतिक समृद्धि का केंद्र बनेगा।
इस पुस्तक मेले में देश के प्रतिष्ठित प्रकाशक भाग ले रहे हैं, जिनमें राजकमल, रोहित बुक कंपनी, वाणी प्रकाशन, सस्ता साहित्य मंडल, नई किताब प्रकाशन, आकाश बुक डिस्ट्रीब्यूटर, संकल्प प्रकाशन, किरण पब्लिकेशन, उपहार प्रकाशन, सत्यम पब्लिशिंग हाउस, प्रगतिशील प्रकाशन, मेहता बुक कंपनी, दिनकर पुस्तकालय, असीम प्रकाशन, वर्मा बुक कंपनी, उपकार प्रकाशन, नेशनल बुक ट्रस्ट, पब्लिकेशन डिविजन, मैकग्रा हिल एजुकेशन, एंजेल विजन, लकी इंटरनेशनल, कामरूप एजेंसी, अनीता पब्लिशिंग हाउस, साहित्य दर्पण, राज सूर्य प्रकाशन और समय प्रकाशन प्रमुख हैं।

पुस्तक मेले के दौरान साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले साहित्यकारों को सम्मानित भी किया जाएगा। भाषा सेतु सम्मान से नई दिल्ली की जयंती रंगनाथन, साहित्य सेवी सम्मान से चित्तौड़गढ़ के प्रो. अशोक कुमार गादीया, प्रवासी साहित्य सम्मान से लंदन निवासी अंतरा बनर्जी तथा आजीवन साहित्य सृजन सम्मान से देवघर के प्रो. तारा चरण खवाड़े को सम्मानित किया जाएगा।
पुस्तक मेले का उद्घाटन 23 जनवरी को अपराह्न 3:30 बजे मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कौशल किशोर झा द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर अति विशिष्ट अतिथि के रूप में देवघर उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा, विशिष्ट अतिथि में पुलिस अधीक्षक सौरव, उप विकास आयुक्त पीयूष सिंहा एवं अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार उपस्थित रहेंगे।
मेले के अंतर्गत प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम सत्र का आयोजन संध्या 5:30 बजे से किया जाएगा, जिसका उद्घाटन सारठ विधायक उदय शंकर सिंह करेंगे, जबकि मुख्य अतिथि देवघर विधायक सह पूर्व मंत्री सुरेश पासवान रहेंगे।
यह पुस्तक मेला केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शैक्षणिक विकास, बच्चों के मानसिक व कौशल विकास, नृत्य कला, लोक संस्कृति और भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत से लोगों को रू-बरू कराने का सशक्त माध्यम बनेगा।
राजनीतिक व लोकतांत्रिक जागरूकता के लिए इस बार विशेष रूप से महिला संसद, बाल संसद और बुजुर्ग संसद का आयोजन किया जा रहा है। वहीं ‘वंदे मातरम्’ कार्यक्रम के तहत स्थानीय कलाकारों द्वारा भारत की महान विभूतियों की जीवंत झलक प्रस्तुत की जाएगी, जिससे राष्ट्रभक्ति की भावना को और मजबूती मिलेगी।
इस भव्य पुस्तक मेले के आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्य, साहित्यप्रेमी, शिक्षक, कलाकार और स्वयंसेवक पूरी निष्ठा से जुटे हुए हैं।
आयोजन समिति ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पुस्तक मेले में पहुंचकर पुस्तकों से जुड़ें और राष्ट्र, समाज व संस्कृति को समझने का अवसर प्राप्त करें।
यह जानकारी पुस्तक मेला में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान दी गई जहाँ आयोजन समिति के अध्यक्ष युधिष्ठिर राय, प्रो रामनन्दन सिंह, सुबोध कुमार झा, निर्मल कुमार इत्यादि उपस्थित थे।

