देवघर (शहर परिक्रमा)

डीएवी कोडरमा में मनाई गई महात्मा नारायण दास ग्रोवर की पुण्यतिथि

कोडरमा: आज दिनांक 6.02.26 को डीएवी पब्लिक स्कूल, झुमरी तिलैया में विद्यालय की प्रातःकालीन सभा के दौरान शिक्षाविद, डीएवी आंदोलन के सशक्त पुरोधा, आर्य समाज के अनुयायी एवं डीएवी संस्था के कर्णधार महात्मा नारायण दास ग्रोवर की पुण्यतिथि श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। विद्यालय के प्राचार्य एवं सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उनकी प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर वैदिक परंपरा के अनुसार हवन का आयोजन किया गया।

     मौके पर विद्यार्थियों ने महात्मा जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए विविध कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कक्षा सातवीं की आरोही ने अंग्रेजी में तथा शांभवी ने हिंदी में ग्रोवर जी के त्याग, समर्पण एवं डीएवी संस्था के प्रति उनके अमूल्य योगदानों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कक्षा सातवीं की श्वेता ने हिंदी में तथा कक्षा छठी की आरोही ने अंग्रेजी में सुंदर कविता पाठ किया। कक्षा सातवीं की प्रत्युषा ने महात्मा नारायण दास ग्रोवर जी की जीवनी एवं उपलब्धियों पर सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी के माध्यम से रोचक और नवीन जानकारियाँ साझा की।

     इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि महात्मा नारायण दास ग्रोवर जी को एक सच्चे कर्मयोगी के रूप में सदैव याद किया जाएगा। उन्होंने डीएवी संस्था के रूप में ऐसा पौधा रोपा, जिसकी छाया में आज पूरा डीएवी परिवार फल-फूल रहा है। इस संस्था से शिक्षा प्राप्त कर विद्यार्थी इंजीनियर, डॉक्टर, आईएएस, आईपीएस तथा अन्य प्रतिष्ठित क्षेत्रों में अपना योगदान दे रहे हैं। उन्होंने बिहार, झारखंड, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में डीएवी विद्यालयों की स्थापना कर शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किया। उनका सादा जीवन, उच्च विचार और नि:स्वार्थ सेवा भाव सदैव अनुकरणीय रहेगा। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन डीएवी संस्था के प्रचार-प्रसार और समाज सेवा में समर्पित कर दिया। वे सादगी, सेवा और समर्पण की साकार प्रतिमूर्ति थे।
उनके हृदय में गरीब एवं आदिवासी वर्ग के प्रति विशेष संवेदना थी। उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में विद्यालय खोलकर उन्हें शिक्षित करने का कार्य किया। उनका त्यागमय जीवन एवं आदर्श सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक हैं। उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान हेतु शिक्षा को सशक्त माध्यम बनाया तथा नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सेवा भावना को जीवन का आधार माना। उनके प्रयासों से देशभर में डीएवी विद्यालय एवं महाविद्यालय ज्ञान का प्रकाश फैला रहे हैं।

आगे प्राचार्य ने कहा कि वर्तमान समय में महात्मा नारायण दास ग्रोवर जी जैसे संत, शिक्षाविद, समाजसेवी और राष्ट्रभक्त व्यक्तित्वों की देश को अत्यंत आवश्यकता है।

   कार्यक्रम का सफल मंच संचालन कक्षा छठी की कुमुद एवं निष्ठा ने किया। कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक कुमार सतीश सिंह, लक्ष्मी गुप्ता, मिथिलेश कुमारी एवं मुकेश कुमारी का विशेष योगदान रहा।