विद्या वाचस्पति रवीन्द्र चंद्र भौमिक स्मृति पुरस्कार समारोह में विजेताएँ हुए पुरस्कृत
देवघर: स्थानीय विवेकानंद शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा संस्थान तथा आर. सी. भौमिक मेमोरियल ट्रस्ट के युग्म बैनर तले एक होटल के सभागार में पिछले दिन आयोजित पोट्रेट पेंटिंग, चित्रांकन, हस्तलेखन एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता के एक सौ विजेता विद्यार्थियों के नाम की घोषणा की गई एवं स्थानीय विजेताओं को मुख्य अतिथि फूड क्राफ्ट इंस्टिट्यूट की व्याख्याता डॉ. श्वेता लिंगवाल, भौमिक ट्रस्ट के संस्थापक न्यासी राजर्षि भौमिक, वेक्सो इंडिया के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव, संरक्षक प्रो. रामनंदन सिंह, देवघर चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष रवि कुमार केशरी, गायिका रोशनी झा, साहित्यकार सुमन शिवकुमार एवं डॉ. ब्रह्मदेव, भारती की सदस्या अनुपमा गुप्ता, शिक्षा विदुषी कंचन मूर्ति व अन्य अतिथियों के हाथों पुरस्कृत किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार झारखण्ड से 30, बिहार से 30, पश्चिम बंगाल से 14, पंजाब से 3, अरुणाचल प्रदेश से 4, गोवा से 3, मध्य प्रदेश से 3, असम से 5, सिक्किम से 4, तमिलनाडु से 2 और दिल्ली से 2 विजेताओं का नाम सुचिबद्ध है। स्थानीय विजेताओं में दीनबंधु उच्च विद्यालय से आस्था कुमारी, इंदु कुमारी, करिश्मा कुमारी, सनोज कुमार व सत्यम केशरी, आर. मित्रा सीएम एसओई से निशा केशरी, पर्यावरणविद रजत मुखर्जी, नंदन कानन स्कूल से सोनाली शिल्पी, एएस कॉलेज से राजदीप रजनीश सिंह, गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल से दिशा रजनीश सिंह व आराध्या श्री, सुप्रभा शिक्षा स्थली से आर्यन केशरी, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जीआईसी लिमिटेड, देवघर के मैनेजर रंजन कुमार, देवघर संत फ्रांसिस स्कूल की वाणी प्रिया, आदर्श प्लस टू + 2 हाई स्कूल, लाखोरिया के छात्र अजीत कुमार पंडित, भारती विद्यापीठ की छात्रा पूनम कुमारी, संत मेरी बालिका उच्च विद्यालय की राधिका कुमारी, इग्नू देवघर से पूजा पुष्पांजलि एवं अन्य की उपस्थिति थी। प्राप्ताँक के आधार पर निशा केशरी को चैंपियन अवार्ड प्रदान किया गया।
मौके पर अखिल भारतीय साहित्य सृजन मंच खगड़िया (बिहार) के संस्थापक सह संयोजक सुमन शिवकुमार एवं अखिल भारतीय अंगिका साहित्य कला मंच, झारखंड प्रदेश के कार्यकारी महासचिव डॉ. ब्रह्मदेव कुमार को ‘विद्या वाचस्पति रवीन्द्र चंद्र भौमिक स्मृति पुरस्कार’ की मानद उपाधि से अलंकृत एवं विभूषित किया गया। मौके पर राजर्षि भौमिक ने कहा- जब तक मेरी साँसे रहेगी, मैं पिता के नाम पर यह कार्यक्रम जारी रखूँगा।
मुख्य अतिथि डॉ. श्वेता लिंगवाल ने कहा-जीवन में सफलता पाने के लिए आत्मविश्वास होना जरूरी है। इसलिए किसी भी काम की शुरुआत करने से पहले आत्मविश्वास से लबरेज रहें। किसी काम को करते समय कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। लेकिन खुद के आत्मविश्वास में कमी नहीं होने दें। डॉ. देव ने कहा-जीवन में कुछ नया सीखने की आदत से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। कहा जाता है कि जीवन में कई मुश्किलें आती और जाती हैं। व्यक्ति को कठिन समय से हमेशा सीखना और आगे बढ़ना चाहिए। इसलिए जीवन में अपनी गलतियों को सुधारते हुए हमेशा आगे बढ़ते रहना चाहिए। रोशनी झा ने वन्दे मातरम गीत की प्रस्तुति से सबको मंत्रमुग्ध की।

