मेडिका हॉस्पिटल अब मणिपाल हॉस्पिटल के नाम से जाना जायेगा
देवघर: दिनांक 12.03.26 को कोलकाता अवस्थित मणिपाल हॉस्पिटल के बैनर तले एक प्रेस वार्ता का आयोजन वियोरे इन में किया गया। वार्ता के दौरान मणिपाल हॉस्पिटल के न्यूरोसर्जरी कंसल्टेंट सुनंदन बसु और पल्मोनोलॉजी के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. नंदिनी बिस्वास ने बताया कि मेडिका हॉस्पिटल अब मनिपाल हॉस्पिटल के नाम से जाना जायेगा।

उन्होंने बताया कि पूर्वी भारत में बढ़ते न्यूरोलॉजिकल और श्वसन संबंधी रोगों के बोझ को समझते हुए और इससे निपटने की व्यवस्थाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने को लेकर ही आज इस प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने बीमारी के पैटर्न, शुरुआती निदान के महत्व और विशेष उपचार में हालिया प्रगति पर जानकारी साझा किया।
डॉक्टर द्वय ने बताया कि हालिया वैश्विक स्वास्थ्य आकलनों के अनुसार, न्यूरोलॉजिकल और श्वसन संबंधी विकार से हर वर्ष विश्वभर में लगभग 15 मिलियन लोग स्ट्रोक से प्रभावित होते हैं, जबकि 500 मिलियन से अधिक लोग प्रॉनिक श्वसन रोगों से प्रभावित हैं, जिनमें सीओपीडी और अस्थमा के बढ़ते मामले शामिल हैं।
वार्ता के दौरान न्यूरोलॉजिकल स्थितियों जैसे ब्रेन ट्यूमर, स्पाइनल विकार, स्ट्रोक से जुड़ी जटिलताओं और ट्रॉमेटिक ब्रेन इंजरी की बढ़ती घटनाओं के साथ-साथ श्वसन संबंधी बीमारियों जैसे क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिज़ीज़ (सीओपीडी), अस्थमा, फेफड़ों के संक्रमण और अन्य पल्मोनरी जटिलताओं की बढ़ती दर पर भी जानकारी दी गई।

