देवघर (शहर परिक्रमा)

हिंदू नववर्ष के अवसर पर संस्कार भारती द्वारा सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर किया गया नववर्ष का स्वागत


देवघर: भारतीय कला, संगीत, नृत्य,साहित्य, रंगमंच, लोककला और भारतीय संस्कारों के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित अखिल भारतीय संस्था, संस्कार भारती के देवघर शाखा ने
हिंदू नववर्ष एवं चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के पावन अवसर पर प्रातःकालीन बेला में सूर्य भगवान को अर्घ्य अर्पित कर भारतीय नववर्ष का स्वागत श्रद्धा, उत्साह एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं मंगलाचरण के साथ हुआ। उपस्थित सदस्यों, कलाकारों एवं साहित्यप्रेमियों ने उगते सूर्य को जल अर्पित कर राष्ट्र, समाज एवं समस्त मानवता के सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य की कामना की।सायंकाल में संस्कार भारती के कार्यालय में भजन संध्या का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर सचिव अभिषेक सूर्य ने कहा कि हिंदू नववर्ष केवल तिथि परिवर्तन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, नवचेतना और आध्यात्मिक जागरण का उत्सव है। अध्यक्ष रामसेवक सिंह गुंजन ने कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होने वाला यह नवसंवत्सर भारतीय जीवन-दर्शन, ऋतु परिवर्तन, प्रकृति के नवोन्मेष और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है।
उपाध्यक्ष राकेश राय ने बताया कि भारतीय नववर्ष हमें अपनी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ने की प्रेरणा देता है। संगीत संयोजिका राज नंदिनी ने कहा कि सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने की परंपरा भारतीय जीवन में ऊर्जा, प्रकाश, अनुशासन और सकारात्मकता का संदेश देती है।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों ने संकल्प लिया कि वे भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं, कला, साहित्य एवं संस्कारों के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।
अंत में सभी उपस्थितजनों को हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएँ दी गईं तथा नववर्ष को भारतीय अस्मिता, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक समरसता के साथ मनाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में संस्कार भारती के सचिव अभिषेक सूर्य, संगीत संयोजिका राज नंदिनी,कार्यकारिणी सदस्य शिव शंकर साह, रंगोली संयोजिका गीता कुमारी, कोषाध्यक्ष विजय कुमार, लोक कला संयोजक संतोष कुमार, अनन्या एंजल, अभिनन्दिनी आन्या, आदृशा कशिश, सार्थक, सौम्य, फाल्गुनी यादव, दिलीप कुमार के अलावा अनेक सदस्य, कलाकार, बुद्धिजीवी, महिलाएँ एवं युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।