पार्श्व गायिका आशा भोसले का निधन
आशा भोसले के जाने से संगीत जगत को अपूरणीय क्षति हुई है: रवि केशरी
देवघर: मशहूर पार्श्व गायिका 92 वर्षीय आशा गणपतराव भोसले(आशा भोसले) का आज रविवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। उनका जन्म 8 सितंबर 1933 को हुआ था।
आशा भोसले के निधन पर देवघर चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष रवि कुमार केशरी ने शोक प्रकट करते हुए कहा कि भारतीय संगीत जगत की स्वर कोकिला आशा भोसले के निधन का समाचार अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। उनके जाने से न केवल संगीत जगत को अपूरणीय क्षति हुई है, बल्कि करोड़ों संगीत प्रेमियों के दिलों में भी गहरा शून्य उत्पन्न हो गया है।

आशा भोसले जी ने अपने अद्वितीय स्वर, बहुमुखी प्रतिभा और अथक साधना से भारतीय संगीत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। उन्होंने शास्त्रीय, फिल्मी, भक्ति, ग़ज़ल और पॉप—हर शैली में अपनी अमिट छाप छोड़ी। उनकी आवाज़ में वह जादू था, जो हर पीढ़ी के श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देता था। “पिया तू अब तो आजा”, “दम मारो दम” और “चुरा लिया है तुमने” जैसे अनगिनत गीत आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और उत्कृष्टता का प्रतीक रहा। उन्होंने अपने लंबे संगीत करियर में हजारों गीत गाए और अनेक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित हुईं। उनकी सादगी, विनम्रता और कला के प्रति समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। आज उनके निधन पर हम गहरे शोक में डूबे हुए हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार एवं प्रशंसकों को इस असीम दुःख को सहने की शक्ति दें। आशा भोसले जी भले ही हमारे बीच नहीं रहीं, लेकिन उनकी मधुर आवाज़ और अमर गीत सदैव हमारे दिलों में गूंजते रहेंगे। उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि एवं विनम्र नमन।

