शंकरपुर आरओबी का हुआ उद्घाटन, लोगों को मिलेगी जाम और दुर्घटना से राहत
देवघर: झारखंड के देवघर जिले में शनिवार को शंकरपुर स्थित नव-निर्मित रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) का उद्घाटन किया गया। इस आरओबी का उद्घाटन गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने किया। इस अवसर पर देवघर विधायक सुरेश पासवान, आसनसोल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक संग्राह मौर्य सहित रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

पूर्व रेलवे द्वारा निर्मित यह आरओबी देवघर के शंकरपुर स्थित समपार फाटक संख्या 27/सी के स्थान पर बनाया गया है। इसके चालू होने के साथ ही पुराने समपार फाटक को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह कदम क्षेत्र में सड़क और रेल यातायात को अधिक सुरक्षित तथा निर्बाध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देउस्कर के मार्गदर्शन में निर्मित इस परियोजना का उद्देश्य मानव-संचालित समपार फाटकों को समाप्त कर “शून्य मानव-संचालित समपार फाटक” के लक्ष्य को हासिल करना है। रेलवे लगातार अपने अधिकार क्षेत्र में ऐसे आरओबी और आरयूबी का निर्माण कर रहा है ताकि यात्रियों और सड़क उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सके।
जानकारी के अनुसार यह परियोजना वित्तीय वर्ष 2012-13 में रेलवे और झारखंड सरकार की लागत साझेदारी योजना के तहत 37.55 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत की गई थी। पूर्व समपार फाटक संख्या 27/सी रेलवे किलोमीटर 316/33-317/01 पर सत्संगनगर-भिरखीबाद सड़क (एमडीआर-219) पर स्थित था, जहां भारी वाहनों की आवाजाही और बार-बार लगने वाले जाम के कारण लोगों को काफी परेशानी होती थी।
नव-निर्मित शंकरपुर आरओबी की कुल लंबाई 808 मीटर तथा सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर है। यह आरओबी शंकरपुर-जसीडीह मार्ग को जोड़ता है, जिससे क्षेत्र में यातायात का दबाव काफी कम होगा। साथ ही यात्रियों और स्थानीय निवासियों को सुरक्षित एवं तेज आवागमन की सुविधा मिलेगी।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने कहा कि यह आरओबी जनता के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगा। उन्होंने कहा कि व्यस्त रेलवे समपारों पर वाहनों के लिए अलग ऊपरी मार्ग उपलब्ध होने से दुर्घटनाओं की संभावना समाप्त होगी और लोगों का यात्रा समय भी कम होगा। इसके अलावा माल परिवहन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि रोड ओवर ब्रिज आधुनिक परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इससे समपार फाटकों पर होने वाली दुर्घटनाओं का खतरा समाप्त होता है तथा एम्बुलेंस, अग्निशमन और पुलिस जैसी आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी तेज और सुगम बनती है।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझी ने कहा कि इस आरओबी का लोकार्पण रेलवे के अवसंरचना आधुनिकीकरण और जन-सुविधा बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि है। रेलवे भविष्य में भी सुरक्षित और दक्ष परिवहन नेटवर्क विकसित करने के लिए इसी प्रकार की परियोजनाओं पर कार्य करता रहेगा।

