डीएवी कोडरमा में डॉ. तापस घोष ने 12वीं के विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र
“समय का सदुपयोग करें, मोबाइल से दूरी बनाकर लक्ष्य पर रखें पूरा ध्यान।”
कोडरमा: पी.वी.एस.एस. डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, झुमरी तिलैया में विद्यालय के प्रबंधक एवं डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, पुंदाग (रांची) के प्राचार्य डॉ. तापस घोष के प्रेरणादायी आगमन एवं मार्गदर्शन से विद्यार्थियों और शिक्षकों में नई ऊर्जा एवं उत्साह का संचार हुआ। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, शिक्षण-पद्धति, कक्षाओं में संचालित गतिविधियों तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं का गहन अवलोकन किया और विद्यालय की निरंतर प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त की।

इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य कृष्ण कुमार सिंह ने डॉ. तापस घोष का पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। अपने स्वागत संबोधन में उन्होंने कहा कि आपका आगमन पूरे विद्यालय परिवार के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। आपका अनुभव, दूरदर्शी नेतृत्व तथा मार्गदर्शन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके कुशल निर्देशन में विद्यालय शिक्षा, अनुशासन, संस्कार एवं उपलब्धियों के नए आयाम स्थापित करता रहेगा।

प्राचार्य कृष्ण कुमार सिंह ने विद्यालय की उल्लेखनीय उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विद्यालय के विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक, साहित्यिक तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कक्षा दसवीं एवं बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में विद्यालय का परिणाम अत्यंत सराहनीय रहा है, जो विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण तथा अभिभावकों के सहयोग का प्रतिफल है।
विद्यालय के प्रबंधक एवं डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, पुंदाग (रांची) के प्राचार्य, रसायन विज्ञान के विद्वान डॉ. तापस घोष ने बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। यदि विद्यार्थी स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर नियमित अध्ययन करें, समय का सदुपयोग करें तथा शिक्षकों के मार्गदर्शन में निरंतर अभ्यास करते रहें, तो सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमेगी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी लिखावट, वर्तनी और उत्तर-लेखन शैली पर विशेष ध्यान देने तथा साइबर सुरक्षा के प्रति सदैव सजग रहने की सलाह दी।
उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल फोन के अनावश्यक उपयोग से बचने का संदेश देते हुए कहा कि समय जीवन की सबसे मूल्यवान पूंजी है। इसका उपयोग अध्ययन, आत्मविकास और सकारात्मक कार्यों में करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से एकाग्रचित होकर बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने, आत्मविश्वास बनाए रखने तथा अनुशासित जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
डॉ. घोष ने कहा कि बोर्ड परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के बाद भी शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखें। माता-पिता, गुरुजनों और विद्यालय के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता का भाव जीवनभर बनाए रखें। विद्यालय से प्राप्त शिक्षा, संस्कार और शिक्षकों का मार्गदर्शन जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता का सुदृढ़ आधार बनता है। जहाँ भी जाएँ, अपने विद्यालय की सीख और शिक्षकों के स्नेह को सदैव स्मरण रखें तथा स्वयं अनुशासित रहकर समाज में भी अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक सोच का संदेश प्रसारित करें।
कार्यक्रम के अंत में बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने डॉ. तापस घोष के प्रेरणादायी उद्बोधन के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए उन्हें विश्वास दिलाया कि वे उनके प्रत्येक मार्गदर्शन एवं सुझाव का जीवन में अक्षरशः पालन करेंगे तथा विद्यालय, परिवार और समाज का नाम गौरवान्वित करने का हरसंभव प्रयास करेंगे। विद्यालय परिवार ने भी इस प्रेरक मार्गदर्शन सत्र को विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत प्रेरणादायी, उपयोगी एवं मार्गदर्शक बताया।

