लोक प्रेरणा के संस्थापक सदस्य अवधनंदन पांडेय को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
समविचारी संगठनों एवं समाजसेवियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
देवघर: लोक प्रेरणा के प्रधान कार्यालय में आज संस्थापक सदस्य एवं वरिष्ठ गांधीवादी विचारक स्वर्गीय अवधनंदन पांडेय की स्मृति में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा में समविचारी संगठनों के प्रतिनिधियों, समाजसेवियों, सहयोगियों एवं शुभचिंतकों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा दो मिनट का मौन रखकर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी।

श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित वक्ताओं ने श्री पांडेय के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज के गरीब, वंचित, आदिवासी, महिलाओं एवं बच्चों के उत्थान, ग्राम विकास, आजीविका संवर्धन तथा सामाजिक चेतना के कार्यों के लिए समर्पित कर दिया। वे तत्कालीन बिहार एवं वर्तमान झारखंड के सामाजिक विकास आंदोलन के प्रमुख स्तंभों में से एक थे। उनके विचार, कार्यशैली और सामाजिक प्रतिबद्धता ने हजारों कार्यकर्ताओं एवं संस्थाओं को दिशा प्रदान की।

वक्ताओं ने कहा कि श्री अवधनंदन पांडेय जैसे समर्पित समाजसेवी का जाना केवल लोक प्रेरणा की ही नहीं, बल्कि पूरे सामाजिक क्षेत्र की अपूरणीय क्षति है। समाज आज ऐसे दूरदर्शी एवं रचनात्मक नेतृत्व की कमी महसूस कर रहा है। उनके द्वारा स्थापित मानवीय मूल्यों, सामाजिक न्याय, ग्राम स्वावलंबन और जनसहभागिता की परंपरा आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा बनी रहेगी। सभा में यह भी कहा गया कि लोक प्रेरणा की स्थापना एवं उसकी सुदृढ़ बुनियाद रखने में श्री अवधनंदन पांडे की केंद्रीय भूमिका रही।
इस अवसर पर लोक प्रेरणा के सतीश कुमार कर्ण, माधव कुमार दास, चेतना विकास के कुमार रंजन भाई, प्रवाह के दिलीप भाई, लोक प्रेरणा समाधान के एस पी भुइयाँ बिलास, विकल्प के सोहन भाई, ग्राम ज्योति के पशुपति कुमार, पिकासा के मिथिलेश कुमार, संथाल परगना खादी समिति के सचिव सहित दर्जनों लोगों ने भाग लिया।

